Priya’s Nasty Anal Transformation – A Personal Journey

Hiya! I am Priya, 40 years old, living in Bangalore with my husband Imran and our two lovely boys. It’s been a while since I posted something new. A quick reminder about me. I have fair skin for a South Indian. I wear a bra size 38D, and my nipples are dark brown. My husband loves and spends quality time suckling on them. I have a soft belly with stretch marks from two pregnancies, and a big, round, juicy ass, which, by the way, is my biggest asset. In …

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ऑफिस की हॉट माल की टाईट चूत चोदी

office sex hindi

मेरा नाम अंशु है मैं रोहतक का रहने वाला हूं. एक बार की बात है जब मैंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक शर्त लगाई थी. उस समय हमारे ऑफिस में कई लड़कियां काम करती थी लेकिन एक लड़की बहुत एटीट्यूड वाली थी लेकिन सुंदर भी बहुत थी. उसका नाम माधुरी है. एक बार मेरे दोस्तों ने मुझसे शर्त लगाई कि अगर तुम उस लड़की से उसका नंबर ले लोगे तो हम तुम्हें पार्टी करवाएंगे. मैं भी तैयार हो गया मैंने भी उनकी शर्त मान ली फिर ऑफिस मैं …

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শেলির কামকেলি-অধ্যায় দ্বিতীয়-পূর্ব চোদন কথা

সকালটা বেশ সুন্দর।দীপক অনেকক্ষন কাজে গেছে।ছেলে আর মেয়েটাও স্কুলে গেছে অনেকক্ষণ।এখন বেলা 12:30।ওদের ফিরতে ঢের দেরি এখনও।একা ঘরে একঘেয়ে লাগছে শৈলজার।এত বড় বাড়িটাতে সে সম্পূর্ণ একা এখন।এই খালি সময়টা কাটানই দুষ্কর মনে হয় শেলির।বিশেষকরে যখন হাতের সব কাজ শেষ হয়ে আসে।এদিক ওদিক করার পর,এটা ওটা নাড়া চাড়া করেও সময় যেতে চায় না।গাছ গুলোতে জল দেওয়ার পর কাজ শেষ।বাকি সমস্ত কাজ তো চাকর বাকর করে দিয়ে গেছে সেই কখন। এই সুন্দর সকালটা এমন ভাবে অপচয় করার ইচ্ছে হলনা শেলির।কিন্তু কি যে করবে তাও তো মাথায় আসছে না।কিছুক্ষণ ম্যাগাজিন আর টিভিতে …

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சவுமியுடன் சொர்க்கம்(Sawmiyavudan Sorgam)

வணக்கம் என் பெயர் ஜெய். நான் சென்னையில் வசிக்கிறேன். சிறு வயதில் என் சொந்த ஊரான கன்னியாகுமரியில் நடந்த கதை இது. சிறு வயதில் ஆசைப்பட்டது பல வருடங்கள் கழித்துக் கிடைத்த கதை இது. ஒவ்வொரு வருட விடுமுறையின் போதும் எங்கள் பக்கத்து வீட்டுக்குள்ள அவர்களின் சொந்தக்கார பெண்ணான சவுமியா வருவாள். அந்த 15 வயதிலேயே சவுமியாவின் வனப்பு வியர்க்க வைக்கும். நகரத்துப் பெண் என்பதால் அவளது செயல்களும் சற்றே திமிருடன் தான் இருக்கும். ஆங்கிலத்தில் பேசி மட்டம் தட்ட முயல்வது, பாய்ஸ், கேர்ள்ஸ் என அணி பிரிப்பது என அவள் செய்வது எரிச்சலூட்டினாலும், அவளின் அழகு அதை சரி செய்து விடும். கூர்மையான மூக்கு, விரிந்த நெற்றி, நிமிர்ந்த நெஞ்சு, வளைந்த புருவங்கள், சற்றே தடித்த உதடுகள் என அவள் செதுக்கி வைத்தது போல் …

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आश्रम के गुरुजी – 01​

मेरा नाम सावित्री सिंह है. मैं यूपी के एक छोटे से शहर सीतापुर में रहती हूँ. जब मैं 24 बरस की थी तो मेरी शादी अनिल के साथ हुई . अनिल की सीतापुर में ही अपनी दुकान है. शादी के बाद शुरू में सब कुछ अच्छा रहा और मैं भी खुश थी. अनिल मेरा अच्छे से ख्याल रखता था और मेरी सेक्स लाइफ भी सही चल रही थी. शादी के दो साल बाद हमने बच्चा पैदा करने का फ़ैसला किया. लेकिन एक साल तक बिना किसी प्रोटेक्शन के संभोग …

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आश्रम के गुरुजी – 07​

गुरूजी के कहे अनुसार मैं किचन में गयी और सब्जी काटने में राजेश की मदद की. उसके बाद कमरे में वापस आकर मैंने जड़ी बूटी वाले पानी से स्नान (हर्बल बाथ) किया. हर्बल बाथ से मैंने बहुत तरोताज़ा महसूस किया. नहाने के बाद मैं थोड़ी देर तक बाथरूम में उस बड़े से मिरर में अपने नंगे बदन को निहारती रही. उस बड़े से मिरर के आगे नहाने से , मुझे हर समय अपना नंगा बदन दिखता था, मुझे लगने लगा था की इससे मुझमे थोड़ी बेशर्मी आ गयी है. …

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आश्रम के गुरुजी – 06​

“मैडम ,मैडम . “ किसी औरत की आवाज़ थी. मेरी नींद खुल गयी . मेरी नाइटी खिसककर ऊपर हो गयी थी जिससे मेरी गोरी मांसल जांघें दिख रही थी. मैंने नाइटी नीचे को खींची और अंगड़ाई लेते हुए बेड से उठ गयी. मेरे मन में ख्याल आया आश्रम में तो मुझे कोई औरत नही दिखी , फिर ये आवाज़ देने वाली कौन होगी ? मैंने दरवाज़ा खोला तो देखा एक औरत बाहर खड़ी है. “मैडम , मेरा नाम मंजू है. मैं गुरुजी की शिष्या हूँ. मैं कुछ दिनों के …

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आश्रम के गुरुजी – 05​

मैं बहुत तरोताजा महसूस कर रही थी , शायद उस जड़ी बूटी वाले पानी से स्नान करने की वजह से ऐसा लग रहा था. गुरुजी की पूजा से भी मैं संतुष्ट थी. फिर थोड़ी देर मैंने बेड में आराम किया. कुछ समय बाद किसी ने दरवाज़ा खटखटा दिया. मैने जल्दी जल्दी ब्लाउज के तीन हुक लगाए . ऊपर के दो हुक लग ही नही रहे थे. इससे मेरी चूचियों का आधा ऊपरी भाग दिख जा रहा था. मैंने अच्छी तरह से साड़ी से ब्लाउज को ढक लिया. समीर ने …

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आश्रम के गुरुजी – 04​

फिर मैं परिमल के साथ दीक्षा लेने चले गयी. दीक्षा वाले कमरे में बहुत सारे देवी देवताओं के चित्र लगे हुए थे. वो कमरा मेरे कमरे से थोड़ा बड़ा था. एक सिंहासन जैसा कुछ था जिसमें एक मूर्ति के ऊपर फूलमाला डाली हुई थी और सुगंधित अगरबत्तियाँ जल रही थीं. उस कमरे में गुरुजी और समीर थे. परिमल मुझे अंदर पहुँचाके कमरे का दरवाज़ा बंद करके चला गया. उस कमरे में आने के बाद मैं बहुत नर्वस हो रही थी. गुरुजी -सावित्री , अब तुम्हारे दीक्षा लेने का समय …

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आश्रम के गुरुजी – 03​

करीब एक घंटे तक मैंने आराम किया. तब तक पेटीकोट भी सूख गया था. मैं सोच रही थी की अब तो पेटीकोट लगभग सूख ही गया है , पहन लेती हूँ. तभी किसी ने दरवाज़ा खटखटा दिया. “प्लीज़ एक मिनट रूको, अभी खोलती हूँ.” मैंने साड़ी ऊपर करके जल्दी से पेटीकोट पहना और फिर साड़ी ठीक ठाक करके दरवाज़ा खोल दिया. दरवाज़े पे परिमल खड़ा था. परिमल – मैडम , दीक्षा के लिए गुरुजी आपका इंतज़ार कर रहे हैं. समीर ने मुझे भेजा है आपको लाने के लिए. परिमल …

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